Siddharthnagar Medical College Ragging: 6 छात्रों को मोमबत्ती से दागा, आइब्रो काटी; रूह कंपा देने वाली हैवानियत का खुलासा!
ZYRO NEWS 24
Managed By: Shubham Tripathi (Managing Editor)
सिद्धार्थनगर मेडिकल कॉलेज रैगिंग कांड: सीनियर छात्र ने 6 जूनियर्स को मोमबत्ती से दागा; रूह कंपा देने वाली हैवानियत का पूरा सच!
सिद्धार्थनगर (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में स्थित **माधव प्रसाद त्रिपाठी चिकित्सा महाविद्यालय (Siddharthnagar Medical College)** से एक ऐसी खबर आई है जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया है। यहाँ एमबीबीएस (MBBS) की पढ़ाई कर रहे छात्रों के साथ सीनियर छात्र ने जो किया, वह रैगिंग नहीं बल्कि 'थर्ड डिग्री टॉर्चर' जैसा है। **Zyro News 24** की इस विशेष रिपोर्ट में हम आपको बताएंगे कि कैसे एक सीनियर छात्र ने 20 जूनियर्स की जिंदगी को नर्क बना दिया।
- हैवानियत का शिकार: 6 छात्रों के शरीर पर मोमबत्ती से जलने के गहरे निशान मिले।
- टॉर्चर रूम: सीनियर छात्र शौर्य गुप्ता रात में छात्रों को अपने कमरे में बुलाकर प्रताड़ित करता था।
- सीनियर का खौफ: छात्रों की आइब्रो काट दी गई और उन्हें मुर्गा बनाकर अपमानित किया गया।
घटना का विवरण: शौर्य गुप्ता और 'हैवानियत' का वो कमरा
पीड़ित छात्रों और कॉलेज की आंतरिक जांच रिपोर्ट के मुताबिक, एमबीबीएस 2023 बैच का सीनियर छात्र **शौर्य गुप्ता** (निवासी बहराइच) 2025 बैच के जूनियर छात्रों को प्रताड़ित करने का मुख्य आरोपी है। शौर्य अक्सर 15 से 20 छात्रों को अपने कमरे में बुलाता था और उन पर शारीरिक हमला करता था। जांच में पाया गया कि उसने **6 छात्रों को मोमबत्ती से दागा**, जिससे उनके शरीर पर जलने के स्थायी निशान बन गए हैं।
इतना ही नहीं, छात्रों को घंटों तक मुर्गा बनाया जाता था और उनके मोबाइल फोन की निजी जानकारी चेक की जाती थी। अगर कोई छात्र विरोध करता या प्रशासन से शिकायत की बात कहता, तो उसे करियर बर्बाद करने की धमकी दी जाती थी।
🌿 OUNCE ORGANICS: Pure Healing for Skin Burns & Scars - Order Now!कॉलेज प्रशासन की कार्रवाई: क्या ₹25,000 का जुर्माना काफी है?
घटना के तूल पकड़ने के बाद **सिद्धार्थनगर मेडिकल कॉलेज** के प्राचार्य राजेश मोहन ने एंटी-रैगिंग कमेटी गठित की। जांच के बाद शौर्य गुप्ता पर ₹25,000 का अर्थदंड लगाया गया और उसे हॉस्टल से निष्कासित कर एक साल के लिए सस्पेंड कर दिया गया है। वार्डन आशीष शर्मा ने कोतवाली में एफआईआर भी दर्ज कराई है।
हालांकि, आम लोगों और अभिभावकों का कहना है कि इतने जघन्य अपराध के लिए यह सजा बहुत कम है। क्या ₹25,000 किसी छात्र के शरीर पर लगे जलने के निशानों की भरपाई कर सकते हैं?
🦷 CLOVE DENTAL: World-Class Care for Your Physical Recovery - Book NowWHO और वैश्विक मानकों की अनदेखी
जब हम **WHO (World Health Organization)** के हेल्थ स्टैंडर्ड्स की बात करते हैं, तो मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) उसमें सबसे ऊपर आता है。 ऐसी घटनाएं न केवल छात्रों के शरीर को चोट पहुँचाती हैं, बल्कि उनके दिमाग पर 'Post-Traumatic Stress' का गहरा घाव छोड़ती हैं। **Zyro News 24** के मैनेजिंग एडिटर शुभम त्रिपाठी सवाल उठाते हैं कि कॉलेज परिसर में लगे **CCTV** कैमरों की निगरानी कहाँ थी? क्या सुरक्षाकर्मियों और प्रशासन की मिलीभगत के बिना इतनी बड़ी घटना महीनों तक चल सकती थी?
🎨 NIPPON PAINT: Transform Your Surroundings with Positivity - View Productsनिष्कर्ष: न्याय की मांग
यह मामला केवल एक कॉलेज का नहीं, बल्कि हमारी पूरी शिक्षा व्यवस्था पर एक काला धब्बा है। **Zyro News 24** मांग करता है कि इस मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी अन्य छात्र इस 'रैगिंग गैंग' का हिस्सा तो नहीं था。


No comments: