बड़ी कार्रवाई: शोहरतगढ़ में अवैध गैस गोदाम पर चला प्रशासन का डंडा, ढेबरूआ थाने में FIR दर्ज ।_ Zyro News 24
शोहरतगढ़, सिद्धार्थनगर।
जनपद के शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ढेबरूआ थाना क्षेत्र के टीकम गांव में खाद्य एवं पूर्ति विभाग की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर एक रिहायशी मकान में छापेमारी कर अवैध रूप से भंडारित किए गए 14 रसोई गैस सिलेंडरों को बरामद किया है। इस मामले में विभाग की तहरीर पर ढेबरूआ पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया है।
छापेमारी और बरामदगी का विवरण
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पूर्ति निरीक्षक (Supply Inspector) को पिछले कुछ समय से टीकम गांव में गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी और अवैध भंडारण की शिकायतें मिल रही थीं। सोमवार को विभाग की टीम ने पुलिस बल के साथ चिह्नित स्थान पर अचानक दबिश दी। छापेमारी के दौरान एक घर के भीतर से विभिन्न गैस कंपनियों के कुल 14 घरेलू सिलेंडर बरामद हुए।
मौके पर मौजूद व्यक्ति इन सिलेंडरों के भंडारण से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज या लाइसेंस पेश नहीं कर सका। इसके बाद टीम ने सभी सिलेंडरों को अपनी सुपुर्दगी में लेकर सीज कर दिया।
कानूनी कार्रवाई: धारा 3/7 के तहत मुकदमा
इस मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। पूर्ति विभाग की तहरीर के आधार पर ढेबरूआ थाने में आरोपी के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act, 1955) की धारा 3/7 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
क्या है धारा 3/7? > यह कानून सरकार को आवश्यक वस्तुओं (जैसे खाद्यान्न, ईंधन और रसोई गैस) के वितरण, आपूर्ति और भंडारण को नियंत्रित करने का अधिकार देता है। यदि कोई व्यक्ति नियमों का उल्लंघन कर अवैध भंडारण या कालाबाजारी करता है, तो इस धारा के तहत कड़ी सजा और जुर्माने का प्रावधान है।
घनी आबादी में 'टाइम बम' जैसा खतरा
प्रशासनिक अधिकारियों ने इस कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के पहलू पर भी चिंता जताई है। रिहायशी इलाके के एक घर में बिना किसी सुरक्षा मानकों के 14 गैस सिलेंडरों का भंडारण किसी बड़े हादसे को न्योता देने जैसा था। गर्मियों की शुरुआत के साथ ही गैस सिलेंडरों में लीकेज या शॉर्ट सर्किट से होने वाले अग्निकांड की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में आबादी वाले क्षेत्र में इस तरह का अवैध स्टॉक एक बड़े 'टाइम बम' की तरह काम कर सकता था।
आपूर्ति श्रृंखला पर उठ रहे सवाल
इस बरामदगी ने स्थानीय गैस एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। इतनी बड़ी संख्या में घरेलू सिलेंडर एक निजी व्यक्ति के पास कैसे पहुँचे? क्या इसमें किसी गैस एजेंसी के कर्मचारियों या वितरकों की मिलीभगत है? विभाग अब इस कड़ी की भी जांच कर रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि सिलेंडरों की इस अवैध सप्लाई का मुख्य स्रोत क्या है।
कालाबाजारियों को सख्त संदेश
शोहरतगढ़ तहसील प्रशासन की इस कार्रवाई से क्षेत्र के अन्य अवैध गैस कारोबारियों और बिचौलियों में हड़कंप मच गया है। पूर्ति विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि घरेलू गैस का व्यावसायिक उपयोग या अवैध बिक्री किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आने वाले दिनों में तहसील के अन्य संदिग्ध ठिकानों पर भी ऐसी ही छापेमारी की जा सकती है।
प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि उनके आसपास कहीं भी गैस की अवैध रिफिलिंग या असुरक्षित भंडारण हो रहा है, तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित विभाग को दें।
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डिज़ाइन और प्रबंध: शुभम त्रिपाठी (Managing Editor)

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