President Ayodhya Visit: राम मंदिर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने की 'श्रीराम यंत्र' की स्थापना, देखें सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम । Zyro News 24
अयोध्या | विशेष रिपोर्ट
सनातन संस्कृति और आधुनिक भारत के संगम की साक्षी बन रही राम नगरी अयोध्या में आज का दिन इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया है। भारत की महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज एक दिवसीय दौरे पर प्रभु श्री राम की नगरी अयोध्या पहुँचीं। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य न केवल रामलला के दर्शन करना था, बल्कि राम जन्मभूमि मंदिर के गर्भगृह के समीप अत्यंत पवित्र और आध्यात्मिक महत्व वाले 'श्रीराम यंत्र' की स्थापना करना भी रहा।
राष्ट्रपति के इस दौरे को लेकर पूरी अयोध्या नगरी को छावनी में तब्दील कर दिया गया था। जल, थल और नभ से सुरक्षा की निगरानी की जा रही थी। आइए विस्तार से जानते हैं इस ऐतिहासिक यात्रा के हर पहलू को।
1. भव्य स्वागत और आध्यात्मिक शुरुआत
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का विमान जब अयोध्या के महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरा, तो वहां उत्तर प्रदेश के राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने उनकी अगवानी की। हवाई अड्डे से लेकर राम जन्मभूमि परिसर तक का मार्ग फूलों से सजाया गया था। जगह-जगह लोक कलाकारों ने पारंपरिक नृत्य और शंखनाद के साथ महामहिम का स्वागत किया। यह दृश्य ऐसा था मानो त्रेतायुग की अयोध्या जीवंत हो उठी हो।
2. 'श्रीराम यंत्र' की स्थापना: क्या है इसका धार्मिक महत्व?
इस पूरी यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव राम जन्मभूमि परिसर में 'श्रीराम यंत्र' की स्थापना करना था। धार्मिक विद्वानों और ज्योतिषियों के अनुसार, श्रीराम यंत्र भगवान राम की ऊर्जा और शक्ति का प्रतीक माना जाता है।
- यंत्र का स्वरूप: यह यंत्र शुद्ध धातुओं के मिश्रण से निर्मित है, जिस पर विशेष वैदिक ऋचाएं और आकृतियां उकेरी गई हैं।
- स्थापना प्रक्रिया: राष्ट्रपति ने मुख्य पुजारी और विद्वान पंडितों के मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से इस यंत्र को स्थापित किया।
- महत्व: माना जाता है कि मंदिर परिसर में इस यंत्र की स्थापना से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा और यह राष्ट्र की सुख-समृद्धि का प्रतीक बनेगा।
3. रामलला के दरबार में महामहिम
यंत्र स्थापना के पश्चात राष्ट्रपति ने रामलला के भव्य विग्रह के दर्शन किए। उन्होंने मुख्य मंदिर में आरती की और देश की खुशहाली के लिए प्रार्थना की। मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने उन्हें राम मंदिर के निर्माण कार्य की प्रगति और आगामी योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। राष्ट्रपति ने मंदिर की वास्तुकला और वहां की गई नक्काशी की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
4. सुरक्षा का अभेद्य किला: परिंदा भी पर नहीं मार सकता
राष्ट्रपति की सुरक्षा को देखते हुए अयोध्या प्रशासन ने 'जीरो टॉलरेंस' नीति अपनाई। सुरक्षा व्यवस्था के कुछ मुख्य बिंदु इस प्रकार रहे:
- मल्टी-लेयर सुरक्षा: एसपीजी (SPG), एटीएस (ATS) और उत्तर प्रदेश पुलिस के हजारों जवानों को तैनात किया गया था।
- ड्रोन निगरानी: पूरे शहर और विशेष रूप से येलो जोन व रेड जोन की निगरानी आधुनिक ड्रोन्स के जरिए की गई।
- रूट डायवर्जन: आम जनता की सुविधा और सुरक्षा के लिए लखनऊ-गोरखपुर हाईवे सहित अयोध्या के आंतरिक मार्गों पर भारी रूट डायवर्जन लागू किया गया। राम पथ, भक्ति पथ और धर्म पथ पर यातायात को सीमित कर दिया गया था।
5. श्रद्धालुओं का उत्साह और स्थानीय प्रशासन की मुस्तैदी
भले ही सुरक्षा कारणों से कुछ प्रतिबंध लगाए गए थे, लेकिन श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। स्थानीय निवासियों ने अपने घरों की छतों से राष्ट्रपति के काफिले पर पुष्प वर्षा की। अयोध्या के जिलाधिकारी और पुलिस महानिरीक्षक स्वयं पल-पल की रिपोर्ट ले रहे थे। सरयू नदी के घाटों पर भी विशेष सतर्कता बरती गई।
6. अयोध्या: धर्म और विकास का नया केंद्र
राष्ट्रपति का यह दौरा यह भी दर्शाता है कि अयोध्या अब केवल एक धार्मिक नगरी नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत की सांस्कृतिक राजधानी के रूप में उभर रही है। राम मंदिर के निर्माण के बाद से यहाँ लगातार वीवीआईपी (VVIP) दौरों ने इस क्षेत्र के पर्यटन और बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को नई ऊंचाइयों पर पहुँचा दिया है।
7. निष्कर्ष: एक राष्ट्र, एक संकल्प
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा 'श्रीराम यंत्र' की स्थापना महज एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह भारत की एकता और अखंडता का संदेश है। संवैधानिक प्रमुख का इस पावन कार्य में सम्मिलित होना यह दर्शाता है कि आधुनिक भारत अपनी जड़ों और अपनी विरासत पर कितना गर्व करता है।
Zyro News 24 विशेष: मुख्य बिंदु एक नजर में
संपादकीय टिप्पणी
"अयोध्या का कायाकल्प अब अंतिम चरणों में है। राष्ट्रपति का आज का यह दौरा आने वाले समय में अयोध्या के महत्व को और अधिक विस्तारित करेगा। 'श्रीराम यंत्र' की स्थापना से मंदिर की आध्यात्मिक पूर्णता की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है।"
रिपोर्ट: ब्यूरो डेस्क
Zyro News 24
"अयोध्या का कायाकल्प अब अंतिम चरणों में है। राष्ट्रपति का आज का यह दौरा आने वाले समय में अयोध्या के महत्व को और अधिक विस्तारित करेगा। 'श्रीराम यंत्र' की स्थापना से मंदिर की आध्यात्मिक पूर्णता की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है।"

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