बड़ी स्ट्राइक: झांसी पुलिस ने तोड़ी अपराधियों की कमर! मुठभेड़ के बाद 500+ LPG सिलेंडर बरामद, गिरोह के 7 गुर्गे सलाखों के पीछे। Zyro news 24
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Shubham Tripathi
Managing Editor
इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत तब हुई जब झांसी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को मुखबिरों के जरिए एक बेहद गुप्त और पुख्ता जानकारी मिली कि गैस सिलेंडर चोरी करने वाला एक बड़ा गिरोह भारी मात्रा में माल के साथ शहर से बाहर निकलने की फिराक में है। बिना एक पल की देरी किए, पुलिस ने घेराबंदी का जाल बिछाया। जैसे ही संदिग्ध वाहनों को रोकने का इशारा किया गया, अपराधियों ने खुद को घिरता देख खाकी पर गोलियां बरसाना शुरू कर दिया। रात के सन्नाटे में गोलियों की तड़तड़ाहट ने पूरे इलाके को थर्रा दिया, लेकिन झांसी की जांबाज पुलिस टीम ने अपनी जान की परवाह न करते हुए मोर्चा संभाला। पुलिस की जवाबी कार्रवाई और 'एनकाउंटर' के बढ़ते दबाव को देख बदमाशों के हौसले पस्त होने लगे। उन्हें समझ आ गया कि आज खाकी के चंगुल से निकल पाना नामुमकिन है। अंततः, 7 खूंखार अपराधियों ने हथियार डाल दिए और सरेंडर करने पर मजबूर हो गए। इस एनकाउंटर ने अपराधियों के मन में वह 'खाकी का खौफ' पैदा कर दिया है, जिसकी चर्चा आज पूरे जिले के हर चौराहे पर हो रही है।
इस सनसनीखेज ऑपरेशन के बाद जब पुलिस ने बरामदगी का आंकड़ा पेश किया, तो पूरे प्रदेश के पुलिस महकमे और शासन के गलियारों में हलचल मच गई। पुलिस ने बदमाशों के कब्जे से चोरी के कुल 512 एलपीजी (LPG) सिलेंडर बरामद किए हैं। इन सिलेंडरों की बाजार में कीमत लाखों रुपये है, लेकिन इनकी ब्लैक मार्केटिंग के जरिए अपराधी करोड़ों का काला साम्राज्य खड़ा करने की जुगत में थे। ये अपराधी इतने शातिर थे कि रात के घने अंधेरे में गैस एजेंसियों के बाहर खड़े ट्रकों और बिना सुरक्षा वाले गोदामों की रेकी करते थे और फिर पलक झपकते ही सैकड़ों सिलेंडर पार कर देते थे। बरामदगी की सूची में सिर्फ सिलेंडर ही नहीं, बल्कि भारी मात्रा में अवैध असलहे, जिंदा कारतूस और तस्करी में इस्तेमाल होने वाले दो बड़े लोडर वाहन और एक विशालकाय ट्रक भी शामिल है। पुलिस की इस 'सर्जिकल स्ट्राइक' ने उस संगठित अपराध की कमर तोड़ दी है जो उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमाओं के बीच एक बड़ा सिंडिकेट चला रहा था।
पूछताछ के दौरान जो खुलासे हुए हैं, वे किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं हैं। गिरफ्तार किए गए सातों अपराधियों का पुराना और लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। इनका नेटवर्क इतना गहरा था कि ये चोरी के सिलेंडरों को दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों और छोटे कारखानों में बेहद कम कीमतों पर खपा देते थे, जिससे आम उपभोक्ताओं को किल्लत का सामना करना पड़ता था और सरकार को राजस्व का भारी नुकसान होता था। ये अपराधी केवल झांसी तक सीमित नहीं थे, बल्कि इनका जाल ग्वालियर, दतिया, ललितपुर और जालौन तक फैला हुआ था। पुलिस अब उन सफेदपोश चेहरों और स्थानीय मददगारों की भी कुंडली खंगाल रही है, जो इन अपराधियों को पनाह देते थे और चोरी का माल ठिकाने लगाने में बिचौलिए की भूमिका निभाते थे। एसएसपी झांसी ने स्पष्ट कर दिया है कि जांच की आंच अब उन रसूखदारों तक भी पहुंचेगी जो इस काले धंधे के असली मास्टरमाइंड हैं।
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झांसी की धरती पर कानून के इकबाल को बुलंद करने वाली इस बड़ी सफलता ने अपराधियों को सीधा और कड़ा संदेश दे दिया है कि अगर अपराध का रास्ता नहीं छोड़ा, तो अंजाम बहुत भयावह होगा। फिलहाल, पकड़े गए सभी 7 आरोपियों पर विभिन्न संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस अब इन पर 'गैंगस्टर एक्ट' लगाने की तैयारी में है, जिसके तहत इनकी अवैध तरीके से अर्जित की गई संपत्तियों को भी कुर्क किया जाएगा। बुंदेलखंड की जनता ने पुलिस की इस त्वरित और साहसिक कार्रवाई का स्वागत किया है और गैस एजेंसी संचालकों ने राहत की सांस ली है। जायरो न्यूज 24 की टीम इस पूरे मामले पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए है और जैसे ही इस गिरोह के अन्य राजदारों या बड़े नामों का खुलासा होगा, हम सबसे पहले आप तक पहुंचाएंगे। यह कार्रवाई झांसी पुलिस की कार्यकुशलता और अपराधियों के विरुद्ध उनके अडिग संकल्प का जीवंत प्रमाण हैं ।

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