By: शुभम त्रिपाठी (मैनेजिंग एडिटर, ZYRO NEWS 24) स्थान: इंदौर (मध्य प्रदेश)
इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर, जो अपनी स्वच्छता और शांति के लिए जानी जाती है, वहां से एक ऐसी खबर सामने आई जिसने न केवल पुलिस प्रशासन को हिलाकर रख दिया, बल्कि मानवीय संवेदनाओं को भी तार-तार कर दिया। द्वारकापुरी थाना क्षेत्र के 'अंकल गली' में जो कुछ हुआ, वह किसी डरावनी फिल्म की पटकथा से कम नहीं था। एक प्रेमी ने अपनी ही प्रेमिका की हत्या की और फिर उसकी आत्मा को वापस बुलाने के लिए लाश के पास बैठकर तांत्रिक क्रियाएं शुरू कर दीं।
13 जनवरी: वो तारीख जब खुला खौफ का मंजर
13 जनवरी की सुबह द्वारकापुरी की उस तंग गली में आम दिनों की तरह चहल-पहल थी, लेकिन 'अंकल गली' के एक बंद फ्लैट से उठ रही तेज दुर्गंध ने पड़ोसियों का ध्यान खींचा। फ्लैट कई दिनों से बाहर से बंद था। शक गहराने पर पुलिस को सूचना दी गई। जब पुलिस ने दरवाजा तोड़ा, तो अंदर का नजारा देख अनुभवी अधिकारियों के भी पैर कांप गए।
कमरे के भीतर एक युवती की नग्न लाश पड़ी थी, जो कई दिन पुरानी होने के कारण सड़ चुकी थी। लेकिन चौंकाने वाली बात यह थी कि लाश के आसपास अगरबत्तियां, सिंदूर और तंत्र-मंत्र से जुड़ी कुछ संदिग्ध सामग्रियां बिखरी हुई थीं।
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शक की सुई और आरोपी की गिरफ्तारी
इंदौर पुलिस ने तत्काल फॉरेंसिक टीम (FSL) को मौके पर बुलाया। मृतका की पहचान होने के बाद जब उसके निजी जीवन की पड़ताल शुरू हुई, तो पता चला कि वह अपने प्रेमी के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थी। घटना के बाद से ही उसका प्रेमी फरार था। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल टावर लोकेशन और मुखबिरों की मदद से घेराबंदी की और आखिरकार आरोपी प्रेमी को हिरासत में ले लिया।
कुबूलनामा: "मैंने उसे मार डाला, फिर आत्मा बुलाने लगा"
पुलिस की कड़ी पूछताछ में आरोपी ने जो बताया, उसने सभ्य समाज के माथे पर पसीना ला दिया। आरोपी ने कबूल किया कि उसे अपनी प्रेमिका के चरित्र पर शक था। उसे लगता था कि वह किसी और से बात करती है। इसी शक की आग में जलते हुए विवाद इतना बढ़ा कि आरोपी ने गुस्से में आकर प्रेमिका का गला घोंट दिया। हत्या करने के बाद वह भागा नहीं, बल्कि लाश के साथ ही कमरे में मौजूद रहा।
अंधविश्वास का चरम: लाश को पुनर्जीवित करने की कोशिश
इस हत्याकांड का सबसे विचलित करने वाला हिस्सा वह 'तांत्रिक क्रिया' है, जिसका जिक्र आरोपी ने अपने बयान में किया। आरोपी ने पुलिस को बताया:
"हत्या करने के बाद मुझे एहसास हुआ कि मैंने क्या कर दिया। मैं उसे खोना नहीं चाहता था। मैंने इंटरनेट पर और कुछ पुरानी बातों के आधार पर तांत्रिक क्रियाएं खोजनी शुरू कीं। मुझे लगा कि अगर मैं सही तरीके से तंत्र-मंत्र करूँ, तो उसकी आत्मा वापस लौट आएगी और वह फिर से जिंदा हो जाएगी।"
आरोपी ने शव को निर्वस्त्र किया और उसके पास बैठकर घंटों तक अजीबोगरीब अनुष्ठान किए। वह शव के पास ही सोता रहा और उम्मीद करता रहा कि तांत्रिक शक्तियों के जरिए प्रेमिका की धड़कनें फिर से लौट आएंगी। जब शव से बदबू ज्यादा आने लगी और उसे लगा कि अब वह पकड़ा जाएगा, तब वह कमरे को बाहर से ताला लगाकर फरार हो गया।
ZYRO NEWS 24 का विश्लेषण: डिजिटल युग में अंधविश्वास की जड़ें
एक तरफ हम डिजिटल इंडिया की बात करते हैं, वहीं दूसरी तरफ इंदौर जैसे मेट्रो शहर में एक युवक हत्या जैसे अपराध के बाद 'आत्मा बुलाने' के लिए तंत्र-मंत्र का सहारा लेता है। यह मामला न केवल एक क्राइम स्टोरी है, बल्कि हमारे समाज के मानसिक स्वास्थ्य और गहरे पैठ बना चुके अंधविश्वास पर एक बड़ा सवालिया निशान भी है।
पुलिस की कार्रवाई और कानूनी स्थिति
द्वारकापुरी थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या (धारा 302) और साक्ष्य छुपाने की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस कृत्य में कोई अन्य बाहरी 'तांत्रिक' भी शामिल था या आरोपी ने यह सब इंटरनेट के प्रभाव में आकर अकेले ही अंजाम दिया।
निष्कर्ष
इंदौर का यह 'अंकल गली' कांड सालों तक याद रखा जाएगा। यह हमें चेतावनी देता है कि शक की बीमारी और अंधविश्वास का मेल कितना घातक हो सकता है। ZYRO NEWS 24 अपने पाठकों से अपील करता है कि किसी भी प्रकार के अंधविश्वास से बचें और हिंसा का रास्ता कभी न चुनें।
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